हिजाब मामला: न्यायाधीश का जान से मारने की धमकी, पुलिस तमिलनाडु से एक और आरोपी को लाई बेंगलुरु

बेंगलुरु. कर्नाटक के तटीय शहर उडुपी की कुछ मुस्लिम छात्राओं की कक्षा में हिजाब पहनने से संबंधित याचिकाओं को खारिज करने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को कथित रूप से जान से मारने की धमकी देने के मामले के दूसरे आरोपी जमाल मोहम्मद उस्मानी को बेंगलुरु पुलिस शुक्रवार को तमिलनाडु से यहां ले आई. पुलिस ने इससे पहले मामले के एक अन्य आरोपी कोवई रहमतुल्लाह को भी गिरफ्तार किया था. दोनों इस्लामिक संगठन तमिलनाडु तौहीद जमात (टीएनटीजे) के सदस्य हैं.

तमिलनाडु पुलिस ने संभवत: रहमतुल्लाह को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली से और उस्मानी को तंजावुर से गिरफ्तार किया था.
पुलिस ने एक वीडियो वायरल होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें रहमतुल्लाह को कथित तौर पर यह कहते सुना गया कि फैसला सुनाने वाले न्यायाधीशों को मार दिया जाएगा. वीडियो के आधार पर वकील सुधा कटवाला ने बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस से अरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी.

गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश रितुराज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस. दीक्षित और न्यायमूर्ति जे. एम. खाजी की तीन सदस्यीय पीठ ने 15 मार्च को मुस्लिम छात्राओं के एक वर्ग द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था और कहा था कि हिजाब इस्लाम धर्म में आवश्यक धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है. इन याचिकाओं में कक्षा के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगी गई थी.

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