गृह मंत्रालय ने आठ लोगों की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी

नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बीरभूम जिले में आग लगने से आठ लोगों की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से मुलाकात की और इस मामले में उनसे हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की.

सूत्रों ने कहा कि स्थिति का आकलन करने के लिए जल्द ही एक तथ्यान्वेषी केंद्रीय दल राज्य में भेजा जा सकता है, लेकिन अभी तक इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इस घटना के मद्देनजर आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस घटना को लेकर जल्द से जल्द विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने को कहा गया है.

पुलिस ने बताया कि बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मंगलवार तड़के कुछ मकानों में आग लगने से दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गयी. राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज मालवीय ने कोलकाता में संवाददाताओं को बताया कि यह घटना तड़के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पंचायत स्तर के एक नेता की हत्या के कुछ घंटे बाद हुई.

मालवीय ने कहा कि जले हुए मकानों में से एक में सात लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि गंभीर रूप से झुलसे हुए एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई. भाजपा सांसदों के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री को दिए एक ज्ञापन में आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की ंिहसा लगातार जारी है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है. अप्रैल 2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी.

बीरभूम की घटना का जिक्र करते हुए सांसदों ने दावा किया कि क्षेत्र में पंचायत उप-प्रधान (उप प्रमुख) की हत्या के बाद 10 लोगों को जला दिया गया. उन्होंने शाह से आग्रह किया कि इस तथ्य पर कड़ा संज्ञान लिया जाना चाहिए कि एक बम हमले में पंचायत नेता मारा गया. सांसदों ने शाह से राज्य में ‘‘तेजी से बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति’’ का संज्ञान लेने और ंिहसा की इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया.

प्रतिनिधिमंडल ने कहा, ‘‘हम राज्य में बढ़ते राजनीतिक आतंकवाद के तहत अपने नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दे सकते. हम मामले में समय पर हस्तक्षेप करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए आपके आभारी रहेंगे.’’ सांसदों ने गृह मंत्री को हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में हुई राजनीतिक ंिहसा से भी अवगत कराया. उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में ‘‘टीएमसी के गुंडों’’ द्वारा 50 से अधिक भाजपा समर्थकों की हत्या कर दी गई.
सांसदों ने दावा किया कि 19 मार्च को राणाघाट निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार को मारने की कोशिश की गई थी.

भाजपा ने बीरभूम की घटना के लिए ‘तृणमूल सर्मिथत गुंडों’ को जिम्मेदार ठहराया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में कुछ मकानों में आग लगने से दो बच्चों समेत आठ लोगों की हुई मौत के लिए राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े अपराधियों को जिम्मेदार ठहराया और इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की.

पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उनसे हस्तक्षेप की मांग की. भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने इस घटना की ंिनदा करते हुए एक ट्वीट में कहा कि वह निर्दोष लोगों की मौत से स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह घटना साबित करती है कि ममता सरकार का कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है. मैं इस घटना की कड़े से कड़े शब्दों में ंिनदा करता हूं. साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं.’’ भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए उपयुक्त होगा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे दें, क्योंकि उनकी सरकार नागरिकों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है और इसके विपरीत वह अपराधियों को संरक्षण दे रही हैं.

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