कान फिल्म महोत्सव में भारत को बनाया गया सम्मानित देश : अनुराग ठाकुर

नयी दिल्ली. फ्रांस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित कान फिल्म महोत्सव में भारत को आधिकारिक तौर पर सम्मानित देश (कंट्री आॅफ आनर) बनाया गया है जहां भारत की संस्कृति, धरोहर, भाषाई विविधता, सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रर्दिशत किया जायेगा . सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी. कान फिल्म महोत्सव 17 से 25 मई तक चलेगा. इस महोत्सव में भारत को फिल्मों की विषय सामग्री के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा .

ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह संयोग ही है कि जहां भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर उत्सव मनाया जा रहा है, वहीं भारत एवं फ्रांस के राजनयिक संबंध स्थापित होने के भी 75 वर्ष पूरे हुए हैं तथा कान फिल्म महोत्सव के भी 75 वर्ष हुए हैं . ’’ उन्होंने कहा कि ऐसे में भारत को इस महोत्सव में सम्मानित देश (कंट्री आॅफ आनर) बनाया गया है . उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी देश को सम्मानित देश बनाया गया है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करने जा रहे हैं, वहीं आने वाले दिनों में कान फिल्म महोत्सव में सरकार भारत की संस्कृति, धरोहर, भाषायी विविधता, सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रर्दिशत करेगी. उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत ने स्टार्ट अप के क्षेत्र में दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है, ऐसे में इस महोत्सव में पांच स्टार्ट अप को दृश्य श्रव्य लाइब्रेरी के स्तर पर हिस्सा लेने का मौका मिलेगा.

अनुराग ठाकुर ने बताया, ‘‘ कान फिल्म महोत्सव में ‘वर्ल्ड प्रीमियर’ में आर माधवन की फिल्म ‘राकेटरी’ को प्रर्दिशत करने के लिये चुना गया है. इसे 19 मई को प्रर्दिशत किया जायेगा.’’ उन्होंने बताया कि इसके अलावा ‘कान जाने वाली श्रेणी’ में पांच फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा. उन्होंने बताया कि इसमें वैसी पांच फिल्में होंगी जिनका प्रदर्शन नहीं हुआ हो . उनके अनुसार इसका मकसद यह है कि इन फिल्मों को मंच एवं बाजार मिल सकेगा . इन फिल्मों 22 मई को प्रर्दिशत किया जायेगा.

मंत्री ने बताया कि इन फिल्मों में जे जाई धोतिया की असमी फिल्म बाघजान, शैलेंद्र साहू की छत्तीसगढ़ी फिल्म बैलाडीला, हिन्दी में एकतारा संग्रह एक जगह अपनी, हर्षद नलवाडे की फिल्म फॉलोवर और जय शंकर की कन्नड फिल्म शिवम्मा शामिल हैं. उन्होंने बताया कि बिना प्रर्दिशत फिल्मों के प्रदर्शन के लिये 22 मई को ‘ओलंपिया स्क्रीन’ नामक सिनेमा हॉल भारत को सर्मिपत रहेगा .

ठाकुर ने बताया, ‘‘इस वर्ष हम महान फिल्मकार सत्यजीत रे शताब्दी समारोह मना रहे हैं . ऐसे में उनकी दुर्लभ फिल्म ‘‘प्रतिद्वंद्वी’’ को इस बार कान फिल्म महोत्सव में विशेष रूप से प्रर्दिशत किया जाएगा.’’ गौरतलब है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक परियोजना राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत ‘‘प्रतिद्वंद्वी’’ के ंिप्रट का नवीनीकरण किया गया है. यह कार्य मुंबई की लैब ‘‘प्राइम फोकस टेक्नोलाजीज’’ ने प्रख्यात सिनेमेटोग्राफर सुदीप चटर्जी की देखरेख में किया है. उन्होंने बताया कि कान फिल्म महोत्सव में एक सर्मिपत भारत मंच और मंडप बनाया जा रहा है जहां भारतीय फिल्मों से जुड़ी नीतियों, विषय वस्तु एवं अन्य विषयों पर विचारों का आदान प्रदान किया जायेगा . इस मंच एवं मंडप का उद्घाटना 18 मई को किया जायेगा.

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