इजरायल के प्रधानमंत्री दो अप्रैल से भारत की यात्रा पर

यरुशलम. इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने भारत-इजरायल संबंधों को परस्पर ‘‘सराहना और सार्थक सहयोग’’ पर आधारित बताते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर अप्रैल के पहले सप्ताह में भारत की यात्रा करेंगे.

पिछले साल जून में प्रधानमंत्री बने बेनेट की भारत की यह पहली यात्रा है. इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच नवाचार और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और साइबर तथा कृषि एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है. बेनेट ने कहा, ‘‘मैं अपने मित्र, प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी के निमंत्रण पर भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा को लेकर खुश हूं और साथ में हम अपने-अपने देशों के संबंधों को आगे की दिशा में बढ़ाते रहेंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ने भारत और इजराइल के बीच संबंधों की फिर से शुरुआत की और इसका ऐतिहासिक महत्व है. हमारी दो अनूठी संस्कृतियों – भारतीय संस्कृति और यहूदी संस्कृति के बीच संबंध गहरे हैं और वे अगाध सराहना एवं सार्थक सहयोग पर आधारित हैं.’’ बेनेट ने कहा, ‘‘हम भारतीयों से कई चीजें सीख सकते हैं और यही हम करने का प्रयास करते हैं. साथ में हम नवाचार और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और साइबर, कृषि और जलवायु परिवर्तन के अलावा अन्य क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करेंगे.’’ सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह दो से पांच अप्रैल तक चार दिवसीय यात्रा होगी.

इजरायल के प्रधानमंत्री के विदेश मीडिया सलाहकार ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शनिवार, दो अप्रैल 2022 को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे.’’ बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं की मुलाकात पिछले वर्ष अक्टूबर में ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) से इतर हुई थी, तब प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के अपने समकक्ष बेनेट को भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए आमंत्रित किया था.

बयान के अनुसार, ‘‘यह यात्रा दोनों देशों और नेताओं के बीच महत्वपूर्ण संबंध की पुष्टि करेगी तथा इजरायल और भारत के बीच संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर होगी.’’ मीडिया सलाहकार ने कहा, ‘‘यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक गठबंधन को आगे बढ़ाना और मजबूत करना एवं द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार करना है. इसके अलावा, दोनों नेता नवाचार, अर्थव्यवस्था, अनुसंधान एवं विकास, कृषि तथा अन्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.’’ बेनेट अपनी यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्ष, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और स्थानीय यहूदी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. बयान में कहा गया है कि यात्रा का पूरा कार्यक्रम और अतिरिक्त विवरण अलग से जारी किया जाएगा.

जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और इजराइल ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया था. तब से, दोनों देशों के बीच संबंधों ने ज्ञान-आधारित साझेदारी के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने सहित नवाचार और अनुसंधान में सहयोग शामिल है.

प्रधानमंत्री बेनेट पूर्व में भारत और इजराइल के बीच के ‘‘गहरे संबंध’’ को हितों पर आधारित के बजाय दिल से जुड़ा रिश्ता बताने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय संबंधों को ‘‘एक नए स्तर पर’’ ले जाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह कर चुके हैं.
भारत ने इजराइल को 1950 में मान्यता दी थी, हालांकि दोनों देशों के बीच 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए गए थे.

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