राणा दंपती के खिलाफ राजद्रोह का अभियोग लगाना मूर्खतापूर्ण : फडणवीस

नागपुर/मुंबई. भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा के खिलाफ राजद्रोह का अभियोग लगाने का मुंबई पुलिस का फैसला मूर्खतापूर्ण है.  पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए किसी की गिरफ्तारी से बड़ी मूर्खता कुछ और नहीं हो सकती. यह सरकार की मूर्खता थी और (राणा दपंती को) मिली जमानत इसे सही साबित करती है.’’

बीएमसी की टीम ‘निरीक्षण’ के लिये राणा दंपत्ति के घर पहुंची, वहां मिला ताला

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की एक टीम बुधवार को निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति एवं विधायक रवि राणा के खार उपनगर स्थित अपार्टमेंट का निरीक्षण करने पहुंची, लेकिन वह बंद मिला. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा कि लवी भवन की आठवीं मंजिल पर अवैध निर्माण की शिकायत थी, जहां राणा परिवार का एक अपार्टमेंट है. उन्होंने बताया कि सात से आठ अधिकारियों की एक टीम ने दोपहर करीब साढ़े बारह बजे इमारत का दौरा किया, लेकिन राणा का अपार्टमेंट बंद था, इसलिए टीम निरीक्षण किए बिना लौट आई. उन्होंने कहा कि टीम बृहस्पतिवार या शुक्रवार को फिर घर का दौरा करेगी.

अदालत ने सांसद नवनीत राणा, उनके पति एवं विधायक रवि राणा को जमानत दी

मुंबई की एक विशेष अदालत ने निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति एवं विधायक रवि राणा को बुधवार को जमानत दे दी. गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की सार्वजनिक घोषणा से उत्पन्न विवाद के बाद निर्दलीय लोकसभा सदस्य नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, दम्पति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुंबई यात्रा का हवाला देते हुए ठाकरे के निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपनी योजना को रद्द कर दिया था. विशेष न्यायाधीश आर.एन रोकडे ने बुधवार को राणा दम्पति को जमानत दे दी.

अदालत ने कहा कि जमानत पर रिहा होने के बाद आवेदक इस तरह के किसी अपराध को अंजाम ना दे और मामले से संबंधित किसी भी विषय पर मीडिया से बात ना करें. वकील रिजवान मर्चेंट और आबाद पोंडा के जरिए अदालत में दायर जमानत याचिका में दावा किया गया कि ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के आ’’ान को विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या घृणा की भावना को बढ़ावा देने वाला कृत्य नहीं कहा जा सकता और इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) के तहत इस आरोप को कायम नहीं रखा जा सकता है.

याचिका में कहा गया कि राणा दम्पति का मुख्यमंत्री के निजी आवास के पास हनुमान चालीसा का पाठ करके लोगों को भड़काने या नफरत फैलाने का कोई इरादा नहीं था. साथ ही याचिका में कहा गया कि आवेदकों ने जो किया, वह राजद्रोह का अपराध नहीं हो सकता.
पुलिस की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरात ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दम्पति की योजना भले ही ‘अबोध’ प्रतीत होती है, लेकिन तथ्य यह है कि यह सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश थी. पुलिस ने दावा किया कि राज्य में विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक विरोधी यह साबित करना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री ंिहदुओं के खिलाफ हैं .

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