जोधपुर पुलिस अदृध्य दबाव में काम कर रही है : केन्द्रीय मंत्री शेखावत

जोधपुर. केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को जोधपुर पुलिस पर आरोप लगाया गया कि वह शहर में ईदगाह पर नमाज अदा करने के बाद हंगामा करने और दुकानों, वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है. भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस ‘अदृश्य’ दबाव में काम कर रही है और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दंगाइयों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह पार्टी के अन्य नेताओं के साथ जालोरी गेट र्सिकल पर धरने पर बैठेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो हम जालोरी गेट पर धरना देंगे. (हम) हजारों की संख्या में लोगों के साथ बैठेंगे और प्रशासन को इस बात के लिए मजबूर करेंगे कि वह जोधपुर की शांति और भाईचारे को बिगाड़ने वाले ऐसे सारे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करें.’’ शेखावत ने कहा कि उपद्रवियों ने मंगलवार को नमाज के बाद कई स्थानों पर तोड़फोड़ की, घरों और दुकानों पर पत्थरबाजी की महिलाओं के साथ बदसलूकी की और लोगों पर चाकुओं और तलवारों से हमले किये, लेकिन पुलिस मूक दर्शक बनी रही.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री आरोप लगाते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के लोग दंगा करते हैं, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि आज सुबह जितनी घटनाएं हुईङ्घ, क्या वहां पर भाजपा का एक भी कार्यकर्ता (मौजूद) था? क्या वहां आरएसएस का एक भी स्वयंसेवक उपस्थित था? और क्या वहां दंगे के लिए कोई दूसरा पक्ष पथराव कर रहा था, (या) एकतरफा बवाल मचाया गया?’’ उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने लोगों के घरों में घुसकर मारपीट की, घरों और दुकानों में पत्थरबाजी की, वाहनों को क्षतिग्रस्त किया.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने पिछली रात तनाव के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके परिणामस्वरूप दंगे हुए. उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह का तांडव आज हुआ वैसा जोधपुर में कभी नहीं हुआ. यह जोधपुर की परंपरा नहीं है.’’ शेखावत ने कहा कि उन्होंने अन्य नेताओं के साथ घटनास्थल का दौरा किया और लोगों के साथ बातचीत की.

उन्होंने अचरज व्यक्त किया कि किस तरह अपनी दुकान पर बैठे व्यक्ति पर हमला किया गया, किस तरह से एक छोटी सी बच्ची के कपड़े फाड़ दिये गये, जिसका कोई लेना देना नहीं था. उन्होंने कहा कि उस बच्ची के साथ बदसलूकी की गयी और उसकी एक टांग तोड़ दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने सुनारों के आवासीय क्षेत्र में एक मंदिर को भी क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया.
उन्होंने कहा कि ऐसा कृत्य करने का किन लोगों का दबाव था, इस तरह की परिस्थितियां जोधपुर में क्यों बनी, प्रशासन और सरकार दोनों की इसमें क्या भूमिका थी, निश्चित रूप से इसकी जांच होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि उन्होंने कलेक्टर और पुलिस आयुक्त से आरोपियों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करने को कहा है. शेखावत ने कहा, ‘‘कलेक्टर ने हमें बताया कि 8-9 लोगों को चिह्नित किया गया है. मैंने उनसे कहा कि यदि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो मैं अन्य नेताओं के साथ जालोरी गेट र्सिकल पर धरने पर बैठूंगा.’’ केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है. उन्होंने सत्तारूढ कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जोधपुर ंिहसा पर फीडबैक मांगा है.

मंगलवार को ईद से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहनगर जोधपुर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया, जिसके बाद अधिकारियों ने शहर के 10 पुलिस थानों में कर्फ्यू लगा दिया. मुख्यमंत्री गहलोत ने राजधानी जयपुर में उच्च-स्तरीय बैठक के बाद हालात पर निगरानी के लिए गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव सहित आला अधिकारियों को तत्काल जोधपुर जाने के निर्देश दिए.

जोधपुर के कार्यपालक मजिस्ट्रेट राजकुमार चौधरी ने हालात पर काबू पाने के लिए मंगलवार दोपहर शहर के दस थाना क्षेत्रों, उदय मंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार दोपहर एक बजे से बुधवार, चार मई की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी किए. आदेश के अनुसार, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने व जन-जीवन व्यवस्थित रखने के लिए इन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया जाना आवश्यक है.

मुख्यमंत्री ने गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र ंिसह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) हवांिसह घुमरिया को हेलिकाप्टर से तत्काल जोधपुर जाने के निर्देश दिए.
जयपुर ग्रामीण सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कर्नल राज्यवर्धन ने जोधपुर की घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून व्यवस्था के साथ यह खिलवाड़ मुख्यमंत्री के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है.

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस राज में औरंगजेबी मानसिकता किस तरह हावी हो गई है, यह जोधपुर की घटना से साफ पता चलता है. जालोरी गेट पर स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की मूर्ति से झण्डा उतारकर विशेष तरह का झंडा फहराना और फिर पत्थरबाजी की घटना, बिना सत्ता के संरक्षण में संभव नहीं हो सकती है.’’

उन्होंने कहा,‘‘गहलोत जी, आप राज्य के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री भी हैं. कानून व्यवस्था के साथ यह खिलवाड़ आपके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है. करौली दंगों के लिए आपने जिस तरह जय श्रीराम के नारों को जिम्मेदार ठहराया था, क्या अब जोधपुर की इस घटना पर बताएंगे कि यहां कौन से नारे लगे.’’ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि सरकार चेते और तुष्टीकरण की नीति से बाज आए. उन्होंने कहा कि बांरा, करौली और राजगढ़ के बाद अब मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर में भी साम्प्रदायिक तनाव की घटना सामने आई है.

राजे ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी स्व. बाल मुकंद बिस्सा जी की प्रतिमा पर लगे भगवा झंडे को उतारने की घटना से यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रदेश में फैला यह मजहबी उन्माद कांग्रेस सरकार की तुष्टीकरण संस्कृति का ही परिणाम है. सरकार चेते और तुष्टीकरण की नीति से बाज आए.

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