करौली हिंसा: गहलोत उपद्रवियों के अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश मत करें – वसुन्धरा राजे

जयपुर. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने मंगलवार को करौली की घटना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी असफलता छिपाने के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं,जो सरासर गलत है.

उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के राजस्थान दौरे के सिलसिले में कहा था, ‘‘ ये आग लगाने के लिए आते हैं, (ये) पूरे देश में आग लगा रहे हैंङ्घ ये आए.. आग लग गई. ये ऐसा ही माहौल बना रहे हैं.’’ गहलोत ने कहा था कि आज सबसे बडी जिम्मेदारी अगर किसी की है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की है, वे देश में शांति स्थापित करने की अपील करें और कहें कि ‘हम ंिहसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे. ’ राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की नाकामियों पर से जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा नेताओं पर आये दिन झूंठे आरोप लगाते रहते हैं, यह उनकी पुरानी आदत है.

एक बयान में वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि करौली में जो हुआ वह मुख्यमंत्री जी से छिपा नहीं है.उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री जी ऐसे बयान देकर उपद्रवियों के अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश मत कीजिए.’ भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर आरोप लगाने वाले मुख्यमंत्री जी शायद यह भूल रहे हैं कि हमारे इन नेताओं का एक ही ध्येय है-सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी को यह भी सोचना चाहिये कि उपद्रव की ऐसी घटनायें भाजपा शासित राज्यों में नहीं हो रही हैं क्योंकि वहाँ कÞानून का शासन हैजबकि राजस्थान में कÞानून और व्यवस्था का अता-पता ही नहीं है.

करौली हिंसा सुनियोजित एवं पुलिस प्रशासन की विफलता : भाजपा

राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड ने मंगलवार को करौली ंिहसा को सुनियोजित तरीके से हमला बताते हुए कहा कि जलूस मार्ग पर अचानक हमला होना निश्चित तौर पर पुलिस प्रशासन की विफलता है. राठौड ने यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि करौली में नवसंवत्सर पर शनिवार को निकाली गई रैली से पूर्व सैकडों मन पत्थर पूर्व में एकत्रित किये जाते हैं, जुलूस मार्ग पर अचानक मकान की छतों से हमला होता है, हमले के लिये पहले से लाठी, तलवार, और डंडे एकत्रित किये जाते हैं और घटना के 45 मिनट बाद अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचता है यानी निश्चित तौर पर यह पुलिस प्रशासन की विफलता है.

उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा पर दिये बयान को उनकी कुंठित मानसिकता का परिचायक बताते हुए कहा कि यह बयान न केवल हास्यासपद है बल्कि गैर जिम्मेदाराना है. उल्लेखनीय है कि नड्डा के हाल में सवाईमाधोपुर के दौरे पर गहलोत ने सोमवार को कहा था ‘‘ये आग लगाने के लिए आते हैं, (ये) पूरे देश में आग लगा रहे हैंङ्घ ये आए.. आग लग गई. ये ऐसा ही माहौल बना रहे हैं. ये संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लोकतंत्र में इनको यकीन नहीं है, इन्होंने देश के अंदर हिन्दू-मुस्लिम कर दिया है.’’

राठौड ने प्रतिबंधित पापुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई) की एक चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद ने एक अप्रैल को मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक को एक पत्र लिखा और यह कहा कि दो अप्रैल से चार अप्रैल तक प्रदेशभर मे तनाव पैदा होगा और सांप्रदायिक सद्भाव भी बिगडेगा , उसके बाद भी राज्य सरकार ने उसका कोई संज्ञान नहीं लिया. वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में राजनीतिक चश्मों से अपराधियों को अलग-अलग कर देखा जाता है, इससे बड़ा कोई दुर्भाग्य कोई हो नहीं सकता.

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