महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के चलते विधानसभा भंग की जा सकती है : संजय राउत

मुंबई. शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को संकेत दिया कि महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट के चलते विधानसभा को भंग किया जा सकता है. दरअसल, शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.

राउत ने ट्वीट किया, ‘‘महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम राज्य विधानसभा को भंग करने की ओर ले जा रहा है.’’ बाद में ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता राउत ने कहा, ‘‘जब कभी किसी भी राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो मैंने देखा है कि विधानसभा को भंग कर दिया जाता है.’’ राउत का यह बयान शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे द्वारा बगावत किए जाने के परिणामस्वरूप राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार के लिए पैदा हुए संकट के बीच आया है.

राउत ने इस सवाल को टाल दिया कि क्या मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने पद से इस्तीफा देंगे. शिंदे ने कहा है कि उनके समर्थन में 46 विधायक हैं. उन्होंने एक मराठी टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘मेरे पास दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किए बिना विधानसभा में एक अलग समूह बनाने के लिए शिवसेना विधायकों की आवश्यकता से अधिक संख्या है.’’ महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में शिवसेना के 55 सदस्य हैं. पार्टी के खिलाफ बगावत कर चुके शिंदे और शिवसेना के विधायकों को लेकर एक चार्टर्ड विमान बुधवार सुबह असम के गुवाहाटी शहर पहुंचा.

ठाकरे ने कहा कि विधानसभा को भंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं हैं: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया है कि विधानसभा को भंग करने की सिफारिश करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. पटोले की टिप्पणी उन खबरों की पृष्ठभूमि में आई है जिनमें कहा गया है कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की वजह से विधानसभा को भंग किया जा सकता है.

पटोले ने ठाकरे के हवाले से कहा, ‘‘ हम सरकार प्रभावी तरीके से चलाएंगे.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के मद्देनजर मुंबई में हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है, क्योंकि शिवसेना प्रमुख कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. पटोले ने संवाददाताओं से कहा कि ठाकरे ने जोर देकर कहा है कि प्रदेश में सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन मौजूदा संकट से निपट लेगा, और राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफारिश करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. एमवीए में शिवसेना के अलावा कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एमवीए) शामिल हैं.

इससे पहले, शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्विटर पर कहा था कि महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की वजह से विधानसभा को भंग किया जा सकता है. बता दें कि शिवसेना के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री एकनाथ ंिशदे ने बगावत कर दी है. इसके बाद राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है. इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि (राज्य में पार्टी के कुल 44 में से) 41 विधायक बुधवार को मुंबई में हुई विधायक दल की बैठक में शामिल हुए.

उन्होंने कहा कि तीन अन्य विधायक भी राज्य की राजधानी पहुंच रहे हैं. थोराट ने कहा, ‘‘कांग्रेस एकजुट है और सभी 44 विधायक एक साथ हैं.’’ ंिशदे ने कहा है कि उनके पास 46 विधायकों का समर्थन है. उन्होंने एक मराठी टीवी चैनल से कहा, ‘‘मेरे पास (शिवसेना विधायकों की) जरूरत से ज्यादा संख्या है (जिससे विधानसभा में एक अलग समूह बनाया जा सकता है और दलबदल रोधी कानून के प्रावधान भी लागू नहीं होंगे).’’ महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में शिवसेना के 55 सदस्य हैं. पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले ंिशदे और शिवसेना के अन्य विधायकों को लेकर एक चार्टर्ड विमान बुधवार को तड़के असम के गुवाहाटी शहर पहुंचा.

भाजपा का एक विधायक गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के साथ है: महाराष्ट्र के मंत्री का दावा

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे और अन्य के साथ मौजूद महाराष्ट्र के एक मंत्री ने बुधवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक विधायक उनके साथ गुवाहाटी में है. जल संसाधन राज्य मंत्री और प्रहार जनशक्ति पक्ष के नेता बच्चू कडू ने एक समाचार चैनल को फोन पर बताया कि भाजपा विधायक संजय कुटे शिवसेना के बागी विधायकों और शिंदे के साथ (गुवाहाटी में) ठहरे हुए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के संजय कुटे हमारे साथ हैं. वह गुवाहाटी में शिवसेना के सभी बागी विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ हैं.’’ एक दिन पहले, कुटे ने सूरत (गुजरात) के एक होटल में शिंदे और अन्य बागी विधायकों से मुलाकात की थी. बागी विधायक पहले गुजरात के इस शहर के होटल में ठहरे हुए थे. शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री शिंदे, शिवसेना के बागी विधायकों के एक समूह के साथ बुधवार तड़के सूरत से गुवाहाटी पहुंचे.

इस बीच, शिवसेना विधायक संजय शिरसाट ने दावा किया कि 40 विधायक शिंदे के साथ हैं और दोपहर तक उनकी संख्या 46 हो जाएगी. शिंदे के साथ गए शिरसाट औरंगाबाद (पश्चिम) सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने एक मराठी समाचार चैनल से कहा, ‘‘ यहां (गुवाहाटी में) हमारे साथ शिवसेना के 35 और पांच निर्दलीय विधायक हैं. यह संख्या आज दोपहर तक 46 हो जाएगी. उनमें से 40 विधायक शिवसेना (यानी पांच और विधायक बढ़ेंगे) के होंगे. मैं नहीं बता सकता कि वे महाराष्ट्र के किस क्षेत्र से हैं. मेरे पास यह बताने का अधिकार नहीं है.’’

उन्होंने कहा कि शिवसेना के बागी विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज नहीं हैं, बल्कि उनकी नाराजगी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) के अन्य घटक दलों-कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से है. यह पूछे जाने पर कि शिवसेना के असंतुष्ट विधायकों ने बगावत करने के लिए ढाई साल तक इंतजार क्यों किया, शिरसाट ने इसकी वजह कोविड-19 महामारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की खराब सेहत को बताई.

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