आदित्यनाथ और अखिलेश समेत अनेक विधायकों ने विधानसभा सदस्य पद की शपथ ली

लखनऊ.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव समेत 300 से अधिक नवनिर्वाचित विधायकों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। सदन के नेता आदित्यनाथ के बाद विपक्ष के नेता के तौर पर नामित अखिलेश यादव ने विधायक के रूप में शपथ ली और राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की नई शुरुआत की।

आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहरी सीट से हाल में राज्य विधानसभा चुनाव जीता था, जबकि अखिलेश यादव करहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। प्रोटेम स्पीकर रमापति शास्त्री ने सदन में सदस्यों को शपथ दिलाई। सदस्यों को प्रोटेम स्­पीकर के अलावा वरिष्ठ सदस्य सुरेश कुमार खन्­ना, राम पाल वर्मा और जय प्रताप ंिसह ने भी शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण के बाद सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए वहीं, मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने ‘जय भीम-जय समाजवाद’ का नारा लगाया।  शपथ ग्रहण से पहले विधानसभा में आदित्यनाथ ने पत्रकारों से कहा, ‘‘देश की सबसे बड़ी विधानसभा के 18वें कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू हो रहा है, मैं इस अवसर पर सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का हृदय से स्वागत करता हूं।’’ योगी ने कहा, ‘‘मैं अपेक्षा करता हूं कि सभी सदस्य विधानसभा के सुचारू कार्यक्रम में सहयोग करेंगे, साथ ही मैं सभी से राज्य के समग्र विकास में सहयोग करने की उम्मीद करता हूं।’ उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि सदन की मर्यादा एवं परम्परा का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।’’ योगी ने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी सदस्यगण रुचि लेकर अपने कार्यों को संपादित करेंगे।

उधर, अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
आदित्यनाथ जब सदन में आये तो ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
योगी अपनी सीट पर बैठने से पहले नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी सदस्यों से मिले और अभिवादन की औपचारिकता पूरी की। इससे पहले अखिलेश यादव लाल टोपी पहनकर सदन में आये और समाजवादी पार्टी व सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

सदन में पहुंचने पर प्रोटेम स्पीकर रमापति शास्­त्री ने नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने अपेक्षा की कि आने वाले समय में सभी सदस्य सदन की गरिमा बनाये रखेंगे। उन्होंने सबसे पहले आदित्यनाथ को शपथ के लिए आमंत्रित किया। योगी ने अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचकर शपथ ली, इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों के ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से सदन गूंज उठा। इसके बाद जब नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव को शपथ के लिए बुलाया गया तो समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने ‘जय भीम’ और ‘जय समाजवाद’ के नारों का उद्घोष किया।

यादव अपनी सीट से उठकर पहली कतार से सदस्यों और नेता सदन योगी से मिलने के बाद शपथ के लिए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचे। अखिलेश के बाद वरिष्ठ सदस्य सतीश महाना (कानपुर महराजपुर से निर्वाचित) और उनके बाद उप मुख्­यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शपथ ली। ब्रजेश पाठक के बाद सरकार के मंत्रियों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई। मंत्री सूर्य प्रताप शाही, बेबी रानी मौर्य आदि मंत्रियों ने शपथ ली।

उल्लेखनीय है कि सात चरणों में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम 10 मार्च को घोषित हुआ। 403 सदस्यों वाली विधानसभा में इस बार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के 255 और उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 12 तथा निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) के छह सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

राज्­य की मुख्­य विपक्षी समाजवादी पार्टी के 111 तथा उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा कांग्रेस के दो, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो और बहुजन समाज पार्टी के एक सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इस बार विधानसभा में एक भी निर्दलीय सदस्य नहीं है। सभी सदस्यों को सोमवार और मंगलवार को शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। शपथ लेने से शेष रह गये सदस्य मंगलवार को शपथ लेंगे।

गौरतलब है कि पिछली विधानसभा में मुख्­यमंत्री योगी आदित्­यनाथ के नेतृत्व की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के सामने मुख्य विपक्षी दल के रूप में समाजवादी पार्टी ही थी लेकिन तब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में राम गोंिवद चौधरी थे जो इस बार पराजित हो गये। अखिलेश यादव पिछली बार लोकसभा सदस्य होने की वजह से विधानसभा में नहीं आते थे लेकिन इस बार उन्होंने आजमगढ़ से अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र की सदस्यता को महत्व दिया। अब वह नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राज्­य के मुद्दों को लेकर विधानसभा में सरकार को घेरने की प्रक्रिया में आगे रहेंगे।

2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव और 2027 में अगली बड़ी लड़ाई के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गजों का विधानसभा में प्रदर्शन देखने को मिलेगा। 48 वर्षीय अखिलेश यादव भी 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और नेता प्रतिपक्ष के रूप में पहली बार सदन में मौजूद रहेंगे। उनके पिता मुलायम ंिसह यादव 1985, 1995 और 2007 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं।

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