किसी व्यक्ति के चलते या किसी पद के लिए नहीं छोड़ी कांग्रेस: जितिन प्रसाद

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के एक दिन बाद जितिन प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने कांग्रेस किसी व्यक्ति के चलते या किसी पद के लिए नहीं बल्कि पार्टी और उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच ‘‘सम्पर्क टूटने’’ के कारण छोड़ी.

प्रसाद का परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और वह स्वयं कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं. प्रसाद बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा को देश में ‘‘एकमात्र सच्ची राष्ट्रीय पार्टी’’ करार दिया. प्रसाद ने कांग्रेस छोड़ने के लिए पार्टी में किसी व्यक्ति को दोष नहीं दिया.

उन्होंने बृहस्पतिवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मैंने कांग्रेस किसी व्यक्ति के चलते या किसी पद के लिए नहीं छोड़ी. मेरे कांग्रेस छोड़ने का कारण यह था कि पार्टी और लोगों के बीच सम्पर्क टूट रहा है और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में इसका वोट प्रतिशत कम हो रहा है और पार्टी को फिर से पटरी पर लाने के लिए कोई योजना नहीं है.’’

प्रसाद कांग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी. उन्होंने पार्टी छोड़ने के लिए किसी भी व्यक्ति को दोष नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए वह अपने लोगों के हितों की रक्षा नहीं कर सके. उन्होंने कहा कि वह भाजपा में रहकर इसे हासिल करेंगे. उन्होंने भाजपा को देश में एकमात्र संस्थागत राष्ट्रीय पार्टी बताया.

उन्होंने कहा, ‘‘यह (भाजपा में शामिल होना) अचानक लिया गया फैसला नहीं था. मैंने लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है. मैं लोगों की सेवा करना चाहता हूं, उनके लिए काम करना चाहता हूं और भाजपा में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मैं ऐसा कर पाऊंगा.’’ अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए प्रसाद ने कहा कि वह भाजपा को मजबूत करने और अपने राज्य के कल्याण के लिए काम करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जो कुछ भी करूंगा, जहां भी रहूंगा, मैं अपने लोगों के लिए, अपने राज्य उत्तर प्रदेश के लिए और अपने देश के लिए काम करूंगा.’’ उत्तर प्रदेश के जाने-माने ब्राह्मण परिवार से आने वाले 47 वर्षीय पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला करने से परहेज किया.

जितिन प्रसाद एक प्रमुख कांग्रेसी नेता जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं जिन्होंने 2000 में पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था. जितिन प्रसाद को ऐसे समय भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक रूप से मदद मिल सकती है जब भाजपा विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है.

किसी समय राहुल गांधी का करीबी माने जाने वाला कांग्रेस के युवा नेताओं का समूह कथित तौर पर अपनी पार्टी के हालात को लेकर नाखुश है. इनमें से कुछ नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं. तमिलनाडु की नेता खुशबू सुंदर ने भी भाजपा में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close