कश्मीर की छह वर्षीय बच्ची आॅनलाइन कक्षा पर मोदी से अपील के बाद मीडिया सनसनी बनी

श्रीनगर. अधिक गृह कार्य मिलने की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद कश्मीर की छह वर्षीय बच्ची स्टार बन गई है. बच्ची से बातचीत करने के लिए उनके घर के बाहर मीडियार्किमयों का जमावड़ा लगा है.

माहिरू इरफान और उनके परिवार पर मीडिया की तवज्जो तब गई जब बच्ची अपने वीडियो की वजह से सोमवार को इंटरनेट सनसनी बन गई. पूछने पर कि उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम वीडियो संदेश क्यों पोस्ट किया तो माहिरू ने कहा कि कोविड महामारी के कारण आॅनलाइन कक्षा में बहुत सारा कक्षा का काम होता है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ बच्चों के पास खेलने के लिए भी वक्त होना चाहिए. कक्षा होती और उसके बाद गृह कार्य होता है.’’ ट्विटर पर पोस्ट की गई एक मिनट 11 सेकंड की वीडियो में बच्ची मोदी से स्कूली बच्चों पर गृह कार्य का बोझ हल्का करने की अपील कर रही है.

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे अबतक करीब 3.3 लाख लोगों ने देखा है और लगभग 19,000 लोगों ने पसंद किया है. इसपर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की भी नजÞर पड़ी है और उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूल विद्यार्थियों पर गृह कार्य का बोझ कम करने के लिए 48 घंटे में नीति लाने का निर्देश दिया है.

माहिरू वीडियो में कह रही है, ‘‘अस्सलामुअलैकुम मोदी साहब. मेरी कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक होती हैंङ्घ कक्षा छठी, सातवीं, 10वीं के विद्यार्थियों के लिए इतना सारा गृह कार्य. बच्चों को इतना सारा गृह कार्य क्यों दिया जाता है मोदी साहब.’’ सिन्हा ने वीडियो को ‘‘ बहुत प्यारी शिकायत’ बताया है.

लंबी आॅनलाइन कक्षाओं के दुष्परिणामों पर विचार कर रहा स्कूल शिक्षा विभाग नए दिशा-निर्देश लेकर आया है जिसमें प्री-प्राइमरी के विद्यार्थियों के लिए दैनिक आॅनलाइन कक्षाओं को आधे घंटे तक और प्राथमिक और माध्यमिक विद्यार्थियों के लिए 90 मिनट तक सीमित किया गया है.

सिन्हा द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए जाने के 24 घंटे में दिशा-निर्देश आ गए हैं. उपराज्यपाल ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘स्कूल शिक्षा विभाग ने दो सत्रों में पहली से आठवीं कक्षा के लिए दैनिक आॅनलाइन कक्षाओं को अधिकतम डेढ़ घंटे तक सीमित करने का निर्णय लिया है. नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए आॅनलाइन कक्षाएं तीन घंटे से अधिक नहीं होंगी.’’ उन्होंने कहा कि शिक्षकों से पांचवी कक्षा तक के छात्रों को गृह कार्य देने से बचने के लिए कहा गया है.

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