राकांपा के मंत्री ने ‘बारामती के गांधी के लिए गोडसे’ ट्वीट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

मुंबई. महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने शुक्रवार को उस ट्विटर उपयोगकर्ता (यूजर) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिसने इस माइक्रो ब्लॉंिगग प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से लिखा कि अब समय आ गया है कि बारामती के ‘गांधी’ के लिए बारामती के ‘नाथूराम गोडसे’ तैयार किये जाएं.

हालांकि ट्विटर उपयोगकर्ता ने अपनी कथित टिप्पणी में किसी नेता या राजनीतिक दल के नाम का उल्लेख नहीं किया है. महाराष्ट्र के पुणे जिले में बारामती एक कस्बा है, जो राकांपा प्रमुख शरद पवार का गृह गढ़ है. गोडसे ने 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी.

आवास विकास मंत्री आव्हाड ने मराठी में ट्वीट किया, ‘‘किसी स्तर पर ये सब चीजें हो रही हैं…इस शरारती व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो.’’ आव्हाड ने माइक्रो ब्लॉंिगग साइट पर यह मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों को टैग भी किया है, जिनमें राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुंबई के पुलिस आयुक्त शामिल हैं.

मंत्री द्वारा अपने ट्वीट के साथ साझा किये गये ‘स्क्रीन शॉट’ के मुताबिक ‘बगलांकर@निखिलभामरे8’ नाम के सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने मराठी में बुधवार को कथित रूप से ट्वीट किया कि ‘बारामती के गांधी’ के लिए ‘बारामती के गोडसे’ को तैयार करने का समय आ गया है.

भाजपा ने पवार का भाषण साझा कर उन्हें हिंदुओं से घृणा करने वाला बताया, राकांपा ने कार्रवाई की मांग की
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की युवा इकाई के एक नेता ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ से संपर्क कर भाजपा के खिलाफ शरद पवार के हाल के वीडियो को संपादित कर उन्हें ”हिंदुओं से घृणा करने वाले” के तौर पर प्रर्दिशत करने को लेकर कार्रवाई की मांग की.

भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने बुधवार को पवार के भाषण का एक छोटा वीडियो ट्वीट किया और दावा किया कि ”नास्तिक शरद पवार ने हमेशा हिंदू धर्म से नफरत की” और यह रुख अपनाए बिना वह राजनीति में सफलता हासिल नहीं कर सकते थे.

हालांकि, कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने बताया कि यह एक संपादित वीडियो है और पवार, 9 मई को सतारा में एक कार्यक्रम में अपने भाषण में जवाहर राठौड़ की एक कविता का जिक्र कर रहे थे जो जातिवाद और अस्पर्शता से संबंधित है.

राकांपा की युवा शाखा की राज्य इकाई के अध्यक्ष सूरज चव्हाण ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा, ‘‘ट्विटर पर इस तरह का वीडियो साझा करके समुदायों में विभाजन पैदा करने और कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश की गयी है . मामले में (भाजपा के) ट्विटर हैंडल के खिलाफ धारा 499, 500, 66ए और 66एफ के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.’’ पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा था कि वह एक कविता की पंक्तियां पढ़ रहे हैं जिसमें श्रमिकों के दर्द को बताया गया है . उन्होंने भाजपा पर व्यंग्य करते हुए कहा कि जो लोग गलत सूचना फैलाना चाहते हैं वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं.

 

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