उत्तरी सेना कमांडर ने जवानों के साथ पूर्वी लद्दाख में 15000 फुट की ऊंचाई पर किया योग

जम्मू. उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जवानों के साथ पूर्वी लद्दाख में 15 हजार फुट की ऊंचाई पर मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर योगाभ्यास किया. उनके नेतृत्व में अलग अलग शिविरों में उत्तरी कमान के 1.75 लाख से अधिक सैनिकों और 75,000 परिवारों ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

ले जनरल द्विवेदी ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में योग को दिनचर्या में शामिल करने के लिए सैनिकों की सराहना की.
एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सेना कमांडर ने पूर्वी लद्दाख के अग्रिम क्षेत्रों में 15,000 फुट से अधिक ऊंचाई पर विभिन्न योगासन किए. लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी चार दिन के लद्दाख दौरे पर हैं. अधिकारी ने कहा कि उत्तरी कमान के नियंत्रण में आने वाले सैनिकों और उनके परिवारों ने केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उत्साह के साथ योग किया.

उन्होंने कहा कि योग संबंधी यह अभियान पिछले 60 दिनों से ‘ंिसधु से गंगा तक’ पूरी उत्तरी कमान में फैला हुआ था.
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पूरे उत्तरी कमान में 1,75,000 से अधिक सैनिकों और 75,000 परिवारों ने बड़े उत्साह के साथ योग कक्षाओं में भाग लिया.’’ उन्होंने कहा कि सेना में योग को जीवन शैली के तौर पर बढ़ावा दिया जाता है, खासकर उत्तरी कमान के पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए.

प्रवक्ता ने कहा कि उत्तरी कमान की इकाइयों और टुकड़ियों ने सियाचिन बेस कैंप, पैंगोंग त्सो झील, पीर की गली (कश्मीर), नाथू आॅडिटोरियम (पुंछ), इट्राना पैलेस (राजस्थान), गंगाघाट (प्रयागराज) और रेजांग ला जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर योग का आयोजन करके एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है. सेना कमांडर ले जनरल द्विवेदी ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और कठोर जलवायु परिस्थितियों में मानसिक तनाव और थकान से निपटने के लिए योग आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए सैनिकों की सराहना की.

उन्होंने कहा, ‘‘ तनाव प्रबंधन और युद्ध क्षमता में सुधार के लिए योग एक अहम साधन है.’’ इस बीच उधमपुर में योग शिविर का आयोजन किया गया. इस आयोजन में उधमपुर सैन्य स्टेशन के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया. प्रवक्ता ने कहा कि एक और अनूठी पहल सेना के कुत्तों और सेना के घोड़ों को योगाभ्यास पर प्रशिक्षित करना है और उन्होंने अपने ‘प्रशिक्षकों’ के साथ योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

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