विकसित देशों में एक साल में पेट्रोल के दाम 50% बढ़े, भारत में केवल 5% : पुरी

नयी दिल्ली. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन-रूस संकट के कारण जहां कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय दाम बहुत तेजी से बढ़े हैं और अमेरिका, कनाडा समेत विकसित देशों में एक साल में पेट्रोल के दाम 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं, वहीं भारत में केवल पांच प्रतिशत बढ़े हैं.

लोकसभा में नियम 193 के तहत यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए पुरी ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखे बिना गैस और पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर टिप्पणियां की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि 2020 के प्रारंभ में कोविड-19 के शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार इजाफा हुआ और यह 2021 में 60 से 80 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गये थे.
पुरी ने कहा कि 24 फरवरी 2022 को जब रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की तब अचानक से ये दाम 92 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गये और बाद में 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गये.

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे यहां 12 से 13 दिन में पेट्रोल-डीजल के दाम 9 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं जबकि कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय मूल्य बहुत तेजी से बढ़ा है.’’ पुरी ने कहा कि यूक्रेन-रूस की जंग का असर केवल हम पर नहीं पड़ा है, बल्कि पूरी दुनिया इससे प्रभावित हुई है.
पुरी ने कहा कि पंपों पर पेट्रोल की दरों की बात करें तो अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच अमेरिका में इसके दाम में 51 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई, कनाडा में 52 प्रतिशत, जर्मनी में 55 प्रतिशत, ब्रिटेन में 55 प्रतिशत, फ्रांस में 50 प्रतिशत, स्पेन में 58 प्रतिशत और श्रीलंका में 55 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि भारत में इसकी कीमत केवल पांच प्रतिशत बढ़ी है.

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. बीते दो सप्ताह में कीमतों में कुल 9.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा चुकी है. सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की तरफ से जारी मूल्य संबंधी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 103.81 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 104.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.07 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 95.87 रुपये प्रति लीटर हो गई है. पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब साढ़े चार महीने तक स्थिर रहने के बाद 22 मार्च को बढ़ाई गई थीं. तब से 13वीं बार कीमतों में वृद्धि की गई है.

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