प्रियंका चतुर्वेदी का राज ठाकरे पर कटाक्ष, कहा- नकल करने वाले हमेशा रहेंगे पीछे

मुंबई. मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के आह्वान को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को पार्टी के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे का एक वीडियो ट्वीट किया और कहा कि नकल करने वाले हमेशा कई कदम पीछे रहेंगे.

मनसे अध्यक्ष ने बुधवार को एक वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने चचेरे भाई और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लाउडस्पीकर और सड़कों पर नमाज अदा करने वाले लोगों के बारे में उनके (उद्धव के) पिता (बाल ठाकरे) के रुख की याद दिलायी थी.
चतुर्वेदी ने बाल ठाकरे की एक वीडियो क्लिप के साथ ट्वीट किया, ‘‘आॅरिजनल (वास्तिवक). सभी सस्ती प्रतियों के लिए एक सबक: नकल करने वाले लोग हमेशा एक कदम नहीं, बल्कि कई कदम पीछे रहेंगे.’’ चतुर्वेदी द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में बाल ठाकरे अपने भतीजे राज ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए कहते नजर आए कि कोई उनकी भाषण शैली की नकल कर रहा है.

राज ठाकरे को कभी बाल ठाकरे का राजनीतिक उत्तराधिकारी कहा जाता था. राज ठाकरे के शिवसेना छोड़ने के बाद 2006 में मनसे का गठन हुआ था. इस बीच, शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राज ठाकरे का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बाल ठाकरे ने अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए कभी किसी लाउडस्पीकर का सहारा नहीं लिया. राउत ने कहा कि बाल ठाकरे ने नेताओं को ‘‘ध्वस्त’’ करने के लिए अपने कार्टून और भाषण कला का इस्तेमाल किया. शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता राउत ने परोक्ष रूप से राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमने सोचा था कि बालासाहेब की विरासत (एक कार्टूनिस्ट के रूप में) को आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन भाजपा ने उसका गला घोंट दिया है.’’

लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर मनसे के रुख से हिंदुओं को अधिक परेशानी हुई: महाराष्ट्र कांग्रेस

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे की आपत्ति के कारण हिंदुओं को अधिक परेशानी हुई है. कांग्रेस की राज्य इकाई के महासचिव एवं प्रवक्ता सचिन सावंत ने एक ट्वीट में दावा किया कि ‘‘मनसे का राजनीतिक स्वार्थ से भरा रुख, उनका उन्माद और भारतीय जनता पार्टी का समर्थन, प्रगतिशील महाराष्ट्र के लिए नुकसानदेह है.’’ महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है. सावंत ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध ना लगाने का कारण स्पष्ट है.

सावंत ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘‘ मुस्लमानों ने सुबह की अजान बंद कर दी है, लेकिन मंदिरों में (तड़के होने वाली) काकड़ आरती भी बंद हो गई है. गिरजाघर, गुरुद्वारे और बौद्ध मंदिर भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. सार्वजनिक समारोह में भी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी.’’ कांग्रेस के नेता सावंत ने ट्वीट किया कि पुलिस की बैठक में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने मनसे के रुख का विरोध किया है. र्त्यंबकेश्वर और शिरडी में ‘काकड़ आरती’ रोक दी गई है. ‘‘यह किसका पाप है?’’ उन्होंने कहा कि मुंबई में 2,404 मंदिर और 1,144 मस्जिद हैं. बुधवार तक, इनमें से केवल 20 मंदिरों और 922 मस्जिदों के पास अनुमति थी, जबकि पांच मंदिरों तथा 15 मस्जिदों के आवेदन लंबित हैं.

सावंत ने कहा, ‘‘ अगर हम मनसे की बात सुनते हैं तो मस्जिदों के साथ-साथ 2400 मंदिर भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. लाउडस्पीकर पर मनसे के रुख की वजह से ंिहदुओं को अधिक परेशानी हुई है.’’ उन्होंने कहा कि मनसे को ‘‘मुद्दे की समझ नहीं है.’’ सावंत ने कहा कि ‘बॉम्बे पुलिस एक्ट’ की धारा 38(1) के तहत शहर की पुलिस लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति देती है. लाउडस्पीकर का उपयोग कितनी बार और कब करना है, इसको लेकर कोई नियम नहीं है.

सावंत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है और उसकी ध्वनि सीमा तय कर दी है. उन्होंने कहा कि कोई अन्य प्रतिबंध नहीं है और रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक किसी के द्वारा भी ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने की शिकायत की जा सकती है. वहीं, ‘साइलेंट जोन’ में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाती.

 

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