फिल्म से कमाए 200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कश्मीरी पंडितों के कल्याण के लिए किया जाए : सिसोदिया

नयी दिल्ली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म से अर्जित 200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विस्थापित कश्मीरी पंडितों के कल्याण और उनके घरों के पुर्निनर्माण के लिए किया जाना चाहिए.
सिसोदिया ने जोर देकर कहा कि कश्मीरी पंडितों के दर्द को देश के लोगों को महसूस करना चाहिए न कि उसे करोड़ों रुपये में बेचा जाना चाहिए.

उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि फिल्म के जरिए अर्जित की गयी इस बड़ी राशि का इस्तेमाल या तो एक नयी कल्याणकारी योजना में किया जाना चाहिए अथवा कश्मीरी पंडितों के लिए काम करने वाले मौजूदा फाउंडेशन को दी जानी चाहिए. सिसोदिया ने कहा, ‘‘मैंने अब तक फिल्म नहीं देखी है, क्योंकि मैं दिल्ली के बजट में व्यस्त था, इसलिए मैं फिल्म की गुणवत्ता पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता. लेकिन, यह ठीक है कि कश्मीरी पंडितों की पीड़ा पर एक फिल्म बनाई गई है और इस फिल्म को सभी लोगों को देखना चाहिए. लेकिन, उनके दर्द को दूसरे लोगों द्वारा महसूस किया जाना चाहिए, न कि यह कि उनका दर्द करोड़ों रुपये में बेचा जाए.’’

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म ने अब तक 200 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है, तो अब पम्पोश एन्क्लेव में रहने वाले या कोंडली तथा अन्य इलाकों में रहने वाले एक गरीब व्यक्ति को भी कश्मीरी पंडितों के ‘दर्द’ को महसूस करने दें, और फिल्म को मुफ्त में यूट्यूब पर डाल दें.’’ सिसोदिया ने विधानसभा में एक भावनात्मक संबोधन में कहा कि फिल्म के जरिए कमाई गई 200 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल कश्मीरी पंडितों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए, ताकि इस पैसे का इस्तेमाल उनके जले हुए घरों को फिर से बनाने, उनके मुरझाए बागों को फिर से जीवंत करने के लिए किया जा सके.

कश्मीरी पंडितों को 1989-1990 में अपना घर और जीविका समेत सब कुछ छोड़कर वहां से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा था.
विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित ‘द कश्मीर फाइल्स’ में अभिनेता अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती समेत कई अन्य कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई है. इस विवादास्पद फिल्म के जरिए कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को लेकर एक नयी बहस छिड़ गयी है. फिल्म बॉक्स आॅफिस पर अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है.

हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था कि फिल्म को यूट्यूब पर निशुल्क रूप से अपलोड कर दिया जाए ताकि सभी इसे देख सकें. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में फिल्म को कर मुक्त करने की मांग की है.

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