गुजरात में डेरा डाले एकनाथ शिंदे से महाराष्ट्र के भाजपा के कुछ विधायक मुलाकात करेंगे : पाटिल

मुंबई. महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल से अपनी पार्टी को अलग कर लेने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार को कहा कि गुजरात के सूरत में डेरा डाले शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे के साथ प्रदेश भाजपा के कुछ विधायक ‘निजी हैसियत’ से मुलाकात करेंगे.

साथ ही पाटिल ने कहा कि यदि महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे से भाजपा को राज्य में सरकार बनाने का कोई प्रस्ताव मिलता है तो वह ‘‘यकीनन उसपर विचार करेंगे.’’ उन्होंने स्वीकार किया कि महाराष्ट्र के पार्टी विधायक संजय कुटे ने शिंदे से मुलाकात की थी. शिंदे और शिवसेना के कुछ अन्य विधायकों से संपर्क नहीं हो पाने और उनके गुजरात के सूरत के एक होटल में ठहरने की पृष्ठभूमि में पाटिल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे और घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी करीब से नजर रख रही है .

पाटिल ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के भाजपा विधायक संजय कुटे ने निजी हैसियत से सूरत में शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. भाजपा का मौजूदा घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है. शिंदे का फैसला भाजपा की किसी योजना का हिस्सा नहीं है.’’ भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यह सही नहीं है कि सूरत में शिंदे के साथ गए (शिवसेना) विधायकों ने हाल में संपन्न राज्यसभा और राज्य विधान परिषद चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को गुप्त रूप से वोट दिया था.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सभी दलों के असंतुष्ट विधायकों का समर्थन मिला है.’’ इससे पहले, दिन में पाटिल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था कि अगर भाजपा को शिंदे से सरकार बनाने का कोई प्रस्ताव मिलता है तो पार्टी निश्चित रूप से उस पर गंभीरता से विचार करेगी, क्योंकि शिवसेना और भाजपा ने पहले भी साथ काम किया है.

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘इसलिए उनके साथ काम करना और सरकार चलाना बेहतर है.’’ उन्होंने यह भी कहा था कि यह शिवसेना का आंतरिक मामला है और भाजपा को नहीं पता कि शिंदे अपने सहयोगियों के साथ सूरत क्यों गए. इस बीच, भाजपा के कुछ नेताओं ने दावा किया कि वे शिवसेना के भीतर बढ़ते असंतोष से अवगत थे. भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि उनकी पार्टी शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यशैली पर लगातार आपत्ति जताती रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई रहस्य नहीं है कि शिवसेना के कई नेता भी सरकार से नाखुश हैं . यह पूछे जाने पर कि क्या शिवसेना के बागी विधायकों के समर्थन से भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने का प्रयास करेगी, तो मुनगंटीवार ने कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि इस घटनाक्रम के बारे में उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों से बात नहीं की है .

उन्होंने कहा, ‘‘विधान परिषद के चुनाव में सोमवार को भाजपा को 134 मत प्राप्त हुये थे, इसका मतलब है कि (288 सदस्यीय विधानसभा में) सरकार बनाने का दावा करने के लिये हमारे पास 11 मत कम हैं. लेकिन, वास्तव में ऐसा करने की तुलना में यह कहना आसान है.” प्रदेश विधान परिषद की 10 सीट पर सोमवार को हुये चुनाव में भाजपा को पांच सीट जबकि शिवसेना और राकांपा को दो-दो तथा कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली थी.

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