विशेष अदालत ने राणा दंपति को 18 मई को पेश होने का दिया निर्देश

मुंबई. एक विशेष अदालत ने राजद्रोह मामले में आरोपी निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को सोमवार को नोटिस जारी करते हुए मुंबई पुलिस की उस अर्जी पर जवाब मांगा, जिसमें उनकी जमानत को रद्द किए जाने का अनुरोध किया गया है. अदालत ने उन्हें 18 मई को उसके समक्ष पेश होने के लिए भी कहा है. राणा दंपति के खिलाफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा के पाठ का आ’’ान करने को लेकर हुए विवाद के बाद राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था.

पुलिस ने दंपति की जमानत को इस आधार पर रद्द करने का अनुरोध किया कि दोनों ने पिछले सप्ताह जमानत दिए जाते समय विशेष अदालत द्वारा उन पर लगाई गई शर्तों में से एक का कथित तौर पर उल्लंघन किया है. विशेष न्यायाधीश आर एन रोकड़े ने विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरात की दलीलों पर सोमवार को संक्षिप्त सुनवाई की, राणा दंपति को नोटिस जारी किया तथा उन्हें 18 मई को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है.

अदालत ने कहा, ‘‘प्रतिवादियों (नवनीत राणा और रवि राणा) को 18 मई को इस अदालत के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस जारी किया जाता है.’’ महाराष्ट्र के अमरावती लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और बदनेरा से विधायक उनके पति रवि राणा को मुंबई पुलिस ने 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया था. दोनों ने ऐलान किया था कि वे बांद्रा में उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. हालांकि बाद में प्रधानमंत्री की मुंबई यात्रा के मद्देनजर उन्होंने अपनी योजना वापस ले ली थी. राणा दंपती के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने और राजद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था.

विशेष अदालत ने चार मई को दंपति को जमानत दे दी थी. हालांकि, उसने दंपति पर कुछ शर्तें लागू की थीं, जिसमें ऐसी ही घटना न दोहराना और मीडिया से बातचीत न करना शामिल है. उपनगर खार की पुलिस ने सोमवार को विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरात के जरिये एक अर्जी दायर कर अदालत से दंपति की जमानत रद्द करने का अनुरोध करते हुए दावा किया कि उन्होंने मीडिया से बातचीत न करने की शर्त का कथित तौर पर उल्लंघन किया है.

घरात ने कहा, ‘‘आरोपियों (नवनीत राणा और रवि राणा) ने जमानत पर रिहा होने के बाद मीडिया को साक्षात्कार दिए. इस तरह उन्होंने जमानत देते समय विशेष अदालत द्वारा लगाई गई शर्त का उल्लंघन किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम अदालत से जमानत रद्द करने और आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने का अनुरोध कर रहे हैं. हम उन्हें तत्काल हिरासत में दिए जाने की मांग कर रहे हैं.’’ उन्होंने अदालत को बताया कि राणा दंपति अब दिल्ली गये हैं.

पुलिस ने अपनी अर्जी में कहा कि अदालत ने आरोपियों को जमानत देते हुए कहा था कि अगर उसके द्वारा लगायी किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी. पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने जेल से बाहर आने के तुरंत बाद मीडिया से कहा था कि अगर हनुमान चालीसा पढ़ना अपराध है तो वे 14 वर्षों तक जेल में रहना चाहेंगे और उन्होंने उद्धव ठाकरे पर कई टिप्पणियां भी कीं.

महाराष्ट्र के अधिकारियों के ‘खराब बर्ताव’ की शिकायत प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे : राणा दंपति

निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि ने सोमवार को कहा कि उनके साथ जेल में महाराष्ट्र के अधिकारियों द्वारा किए गए कथित खराब बर्ताव के मुद्दे को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाएंगे. यहां पत्रकारों से बातचीत में नवनीत राणा ने कहा कि ‘‘भारतीय जनता पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने वाले’’ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को राणाओं को सिद्धांतों का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए. राणा दंपति ने इस आरोप से भी इनकार किया कि उन्होंने मीडिया से बात करके अदालत की अवमाननना की है.

यहां एक विशेष अदालत ने चार मई को दंपति को जमानत देते हुए कहा था कि दोनों जमानत पर रहते हुए इसी प्रकार का अपराध न करें और मामले से जुड़े किसी भी विषय पर प्रेस से बातचीत न करें. राणा दंपति को मुंबई पुलिस ने 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया था. उन्होंने घोषणा की थी कि वे यहां मुख्यमंत्री ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करेंगे, जिससे शिवसेना के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए थे.

नवनीत राणा ने कहा, ‘‘हम आज दिल्ली जा रहे हैं और उन सभी नेताओं से मुलाकात करेंगे जो महिलाओं का सम्मान करते हैं. मैं प्रधानमंत्री, (केंद्रीय) गृह मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने और उन्हें यह बताने जा रही हूं कि हवालात से जेल तक हमारे साथ किस तरह से बुरा बर्ताव किया गया. मैं इसके बारे में शिकायत करने जा रही हूं.’’ शिवसेना सांसद संजय राउत को ‘‘तोता’’ बताते हुए नवनीत राणा ने आरोप लगाया कि उन्होंने ‘‘दंपति को दफनाने’’ की बात की थी. उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसके खिलाफ यहां एक शिकायत दर्ज करायी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए मैं इस मुद्दे को उठाने दिल्ली जा रही हूं.’’

उन्होंने प्रेस से बात करके अदालत की अवमानना करने से भी इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपराध के बारे में बात नहीं की, हमारे खिलाफ यह कैसे दर्ज हुआ, ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ने और मातोश्री के बारे में बात नहीं की. हमने बात की कि हवालात से जेल तक मेरे साथ कितना खराब व्यवहार किया गया और कैसे मेरे स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया गया.’’ अमरावती से लोकसभा सांसद ने पूछा कि अगर उनके जैसी एक जन प्रतिनिधि से महाराष्ट्र में ‘‘इस तरीके से’’ बर्ताव हो सकता है तो आम आदमी का क्या होगा.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकरे को अपने पूर्ववर्ती और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से सरकार चलाने के बारे में सीखना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस जी ने पांच वर्षों तक सरकार चलायी लेकिन वह ऐसे धूर्त नहीं थे. ठाकरे को देवेंद्र साहब से सीखना चाहिए कि महाराष्ट्र सरकार कैसे और किन भावनाओं के साथ चलायी जाती है.’’ अमरावती के बडनेरा से विधायक रवि राणा ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा उस आवासीय सोसायटी को नोटिस जारी करने पर भी मुख्यमंत्री ठाकरे पर निशाना साधा, जहां वह रहते हैं. बीएमसी ने अवैध निर्माण की शिकायत पर यह नोटिस जारी किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘ठाकरे को हमारे फ्लैट का आॅनलाइन निरीक्षण करना चाहिए क्योंकि वह पिछले ढाई साल से केवल आॅनलाइन काम कर रहे हैं.’’ विधायक ने कहा, ‘‘आप (मुख्यमंत्री) अपने दाहिने और बाएं हाथ राउत और अनिल परब को भेज सकते हैं जो खाली बैठे हैं. आप अगर कोई दिक्कत है तो उन्हें मकान का माप लेने के लिए भेज सकते हैं. हम उनका स्वागत करेंगे.’’ एक सवाल पर रवि राणा ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को यह जानकारी लेनी चाहिए कि दंपति के साथ हवालात और जेल में कथित तौर पर कितना दुर्व्यवहार हुआ. दंपति को चाय दिए जाने संबंधी पवार की टिप्पणी पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे साथ एक अपराधी से भी बदतर व्यवहार हुआ.’’ भाषा गोला शोभना

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