देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 14,832 हुई

नयी दिल्ली. भारत में 2,022 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद महामारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,31,38,393 पर पहुंच गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 14,832 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से 46 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,24,459 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.03 प्रतिशत रह गई है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर 98.75 प्रतिशत है।

आंकड़ों के मुताबिक, कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में बीते 24 घंटे में 123 मामलों की कमी दर्ज की गई। वहीं, संक्रमण की दैनिक दर 0.69 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक दर 0.49 प्रतिशत रही। आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,25,99,102 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.22 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 192.38 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर 2020 को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 26 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार हो गए थे। मंत्रालय के अनुसार, जिन 46 और मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 43 की केरल और एक-एक मरीज की मौत उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा पंजाब में हुई। देश में इस महामारी से अभी तक 5,24,459 मरीजों ने जान गंवाई है, जिनमें से 1,47,859 की मौत महाराष्ट्र में, 69,586 की केरल में, 40,106 की कर्नाटक में, 38,025 की तमिलनाडु में, 26,201 की दिल्ली में, 23,519 की उत्तर प्रदेश में और 21,203 की मौत पश्चिम बंगाल में हुई।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक जिन लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

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