भारत में कहानियों की कमी नहीं, अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता फायदा उठाएं: मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि फिल्म बनाने के लिए भारत में कहानियों की कोई कमी नहीं है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं से कहा कि वे भारत में फिल्म बनाने की निर्बाध संभावनाओं का फायदा उठाएं. एक संदेश में प्रधानमंत्री ने इस वर्ष कान फिल्म समारोह में भारत की ‘‘कंट्री आॅफ आॅनर’’ के रूप में भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की.

उन्होंने कहा, ‘‘इस आयोजन में भारत की भागीदारी देश की आजादी के 75 वर्ष, कान फिल्म महोत्सव की 75वीं वर्षगांठ और भारत तथा फ्रांस के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष के सुखद संयोग के महत्वपूर्ण अवसर को प्रतिंिबबित करती है.’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता देश है और यहां फिल्म क्षेत्र का बहुआयामी स्वरूप उल्लेखनीय है. उन्होंने कहा कि फिल्मों की समृद्ध विरासत एवं सांस्कृतिक विविधता भारत की विशिष्टता है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत के पास कहने के लिए बहुत सारी कहानियां हैं और इस देश में वास्तव में दुनिया का कंटेंट हब बनने की अपार संभावनाएं हैं.’’ फिल्म क्षेत्र में व्यापार की सुगमता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म सह-निर्माण को सुविधाजनक बनाने से लेकर देश भर में कहीं भी फिल्मांकन की अनुमति के लिए ‘‘सिंगल ंिवडो क्लीयरेंस’’ की प्रणाली सुनिश्चित करने के जरिए भारत दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं को निर्बाध संभावनाएं मुहैया कराता है.

उन्होंने सत्यजीत रे की जन्म शताब्दी के अवसर पर इस महान फिल्मकार की एक फिल्म को कान क्लासिक श्रेणी में दिखाए जाने के उद्देश्य से संरक्षित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की. इस फिल्म समारोह में पहली बार की जा रही कई पहल में से एक के तौर पर, भारत के स्टार्टअप सिने-जगत के सामने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इंडिया पवेलियन भारतीय सिनेमा के विभिन्न पहलुओं को प्रर्दिशत करेगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी एवं सीख को प्रोत्साहित करेगा.

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