5 हजार किलो चांदी 18 किलो सोना जब्त

राजनांदगांव में बड़ी कार्रवाई, 32 लाख नगद बरामद

राजनांदगांव/रायपुर: शहर के नंदई स्थित जसराज शांतिलाल बैद की फर्म मोहनी ज्वेलर्स में करीब 5 हजार किलो
चांदी के साथ-साथ करीब 18 किलो सोना और 32 लाख रुपये नगद मिले हैं.

संभवत: राज्य में पहली ऐसी बड़ी कार्रवाई है जहां कुल जब्त संपत्ति 42 करोड़ रुपए के आसपास है. वहीं डीआरआई के अनुसार 4545 किलो चांदी और 18.18 किलो सोना के साथ 32.35 लाख रुपए नगद जब्त की गई है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने एक मई को मोहनी ज्वेलर्स में सुबह 11 बजे के आसपास छापामार कार्यवाही शुरू की थी. बताया जाता है कि डीआरआई के अफसरों के हाथ कुछ ऐसे सूत्र लगे थे, जिसके बाद राजनांदगांव में ज्वेलर के यहां छापामार कार्यवाही की गई.

बताया गया है कि राजनांदगांव के व्यापारी मोहनी ज्वेलर्स का विगत 30 सालों से ज्वेलरी का कारोबार है. जैसे ही
जांच आगे बढ़ती गई, एक से एक खुलासे होते गये. रायपुर से अधिकारियों का और दल बुलाया गया. आज सुबह में 4 बजे तक जांच चली.

पूछताछ के लिए 3 लोगों को साथ ले गई टीम
जानकारी के अनुसार दो दिन की कार्यवाही के उपरांत मोहनी ज्वेलर्स के संचालक विजय बैद (विक्की) और विजय बैद के रिश्तेदार गौतम बैद तथा सावनी महाराष्ट्र निवासी शेरू जैन को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए हैं.

प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी रेड
एक ज्वेलरी व्यापारी के यहां 5 हजार किलो चांदी जब्त किए जाने की चर्चा पूरे प्रदेश में चलती रही. ज्वेलरी व्यापारी बता रहे हैं कि राजनांदगांव ही नहीं वरन पूरे प्रदेश में किसी सराफा व्यापारी के यहां से अब तक की सबसे बड़ी जब्ती की कार्रवाई की गई है.

इस दौरान 5 हजार किलो चांदी, करीब 18 किलो सोना और 32 लाख रुपये नगद मिले हैं. हालांकि सोशल मिडिया में 5 किलो सोना की जगह 85 किलो सोना जप्त किये जाने की खबरें चलती रही. दो दिन तक चली जांच में डीआरआई के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाये रखी.

छत्तीसगढ़ में राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने विदेशी सोने की तस्करी के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा है तथा इनसे लगभग 42 करोड़ रुपए मूल्य का सोना, चांद और नकद बरामद किया है. रायपुर इकाई ने कार्रवाई कर विदेशी सोने की तस्करी करने के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा है. इस दौरान आरोपियों से 18.18 किलोग्राम सोना, 4545 किलोग्राम चांदी और 32 लाख रुपए नकद बरामद किया है. बरामद सोने, चांदी और नकद का मूल्य लगभग 42 करोड़ रुपए है.

रायपुर इकाई को क्षेत्र में भारी मात्रा में सोने की तस्करी होने की सूचना मिली थी. सूचना के बाद अधिकारियों ने कोलकाता से राजनांदगांव जा रही रेलगाड़ी से दो व्यक्तियों को पकड़ा. उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से 13.53 किलोग्राम सोने के दो छड़ बरामद हुए. तस्करों ने सोने को कपड़ों में छिपा कर रखा था. जब मामले की छानबीन की गई तब सोने को तस्करों से लेने वाले दो व्यक्तियों तथा आभूषण विक्रेता के बारे में भी जानकारी मिली.

पुलिस ने उपलब्ध कराई गाड़ी: जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कविलाश टंडन ने मोहनी ज्वेलर्स में छापामार कार्यवाही को लेकर बताया कि व्यापारी के यहां से जप्त किये गये 5 हजार किलो चांदी, साढ़े 4 किलो सोना एवं 32 लाख रुपये नगद ले जाने के लिए रायपुर से आये अधिकारी श्री अग्रवाल ने गाड़ी उपलब्ध कराने कहा था. जिसके बाद गाड़ी और पुलिस जवान उपलब्ध कराये गये हैं.

लघु व मध्यम व्यवसायियों..
साथ ही व्यवसाय संचालन के लिए लिए गए ऋण के मूलधन और ब्याज की किश्तों के भुगतान की समय-सीमा को कम से कम 3 माह की स्थगन अवधि प्रदान करने पर विचार किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी और अधिक घातक लहर को रोकने के अंतिम प्रभावी कदम के रूप में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित लगभग सभी जिलों में 9 अप्रैल से 6 मई की सुबह तक पूर्ण कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के कारण राज्य में आर्थिक गतिविधियां व व्यापार – व्यवसाय लगभग बंद हैं. इससे राज्य में लघु व मध्यम श्रेणी के व्यवसायियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. छत्तीसगढ़ चैंबर ने इस आर्थिक परेशानी में उनकी सहायता के उद्देश्य से कुछ फौरी राहतों की मांग की है. मुख्यमंत्री ने लिखा है कि अप्रैल वित्तीय वर्ष 2021-22 का प्रथम माह होने के कारण टीडीएस व टीसीएस एक्ट में कई अनुपालनों की तिथियां निर्धारित हैं. ऐसे समय में व्यवसायियों द्वारा अपने खातों का मिलान कर विभिन्न प्रकार की विवरणियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है. इनके कार्यालयों व प्रतिष्ठानों में कार्यरत एकाउंटेंट, डाटा एंट्री आॅपरेटर, प्रबंधन स्टाफ भी कोविड से संक्रमित होने के कारण या तो होम आइसोलेशन में है अथवा अस्पताल में हैं. इसी प्रकार व्यवसायियों के कर सलाहकार भी अपनी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए अनुरोध किया गया है कि अप्रैल व मई माह की विभिन्न तिथियों को आगामी 2 माह के लिए बढ़ाया जाए.

उद्योगों का नकदी प्रवाह बुरी तरह पभ्र ाावित:मख्ु यमत्र्ं ाी न ेलिखा ह ैकि राज्य में व्यापार-व्यवसायों के लगभग बंद होने जैसी स्थिति के कारण व्यवसाय व उद्योगों का नकदी प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हुआ है. वर्तमान स्थिति में सुधार में लगने वाले संभावित समय को ध्यान में रखते हुए व्यवसायियों द्वारा विभिन्न बैंकों व वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण के मूलधन व ब्याज की वापसी में अत्यंत कठिनाई हो रही है. चैंबर का अनुरोध है कि ऋण के मूलधन व ब्याज की किश्तों के भुगतान की समय-सीमा में कम से कम 3 माह की स्थगन अवधि प्रदान की जाए.

छत्तीसगढ़- मध्यप्रदेश में अब तक सोना- चांदी जप्त किए जाने की सबसे बड़ी कार्यवाही

कोलकाता से जुड़े है सोना- चांदी तस्करी के तार


राजस्व खुफिया निदेशालय इंदौर एवं रायपुर शाखा ने सोना एवं चांदी तस्करी का अब तक सबसे बड़ा खुलासा किया है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सोना, चांदी जप्त किए जाने की सबसे बड़ी कार्यवाही की गई है. इस कार्यवाही से छत्तीसगढ़ में तहलका मचा हुआ है.
मिली जानकारी के अनुसार राजस्व खुफिया निदेशालय इंदौर के वरिष्ठ अफसरों के पास यह जानकारी थी कि कोलकाता से राजनांदगांव के बीच टेÑन के माध्यम से सोने और चांदी की तस्करी की जा रही है. इस पर कार्यवाही करते हुए डीआरआई के अफसरों ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनसे पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ कि राजनांदगांव के जसराज शांतिलाल बैद की फर्म मोहनी ज्वेलर्स के संचालक भी तस्करी से जुड़े हुए है.

एक योजनाबद्ध तरीके से डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारी रायपुर कस्टम, सीजीएसटी रायपुर, छत्तीसगढ़ एवं रेल्वे पुलिस को साथ लेकर जसराज शांतिलाल बैद के यहां छापामार कार्यवाही की. दो दिनों तक चली जांच में 4545 किलो चांदी, 18.18 किलो सोना, 32 लाख 35 हजार रूपए नगद जप्त कर कस्टम एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है.

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह छापामार कार्यवाही लंबे समय से किए जा रहे सोने और चांदी की तस्करी को देखते हुए की जा रही है. इसके पीछे लंबे समय से तस्करों का एक गिरोह सक्रिय है, जो तस्करी के कार्यों को लगातार अंजाम दे रहा था और इस तस्करी में कस्टम ड्यूटी के साथ- साथ सरकार के जो और भी टेक्स है उसकी भी चोरी की जा रही थी.

दिन- रात चली कार्यवाही
डीआरआई के इंदौर एवं रायपुर के अफसर दिन- रात इस कार्यवाही में लगे रहे. दो दिन तक अफसरों ने कोई आराम नहीं करते हुए बड़े पैमाने पर की जा रही सोना चांदी तस्करी को खुलासा किया है.

कोविड नियमों का भी रखा ध्यान
इस कोरोना काल में डीआरआई के अफसरों ने कोविड नियम एवं लाक डाऊन के नियमों का भी पूरा ख्याल रखते हुए छापामार कार्यवाही को पूरा किया है. बाकी संक्रमण जैसी गंभीर बीमारी से भी सुरक्षित रहा जा सके.

मामले की जांच जारी
मोहनी ज्वेलर्स में प्रारंभिक रूप से छापामार कार्यवाही को पूरा कर लिया गया है. लेकिन जप्त किए गए दस्तावेजों को अभी जांच में लिया गया है. जांच की जा रही है.

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