यूक्रेन ने रूस के प्राकृतिक गैस प्रवाह को किया बाधित, खारकीव में किया खुद को मजबूत

जेपोरीजिया. यूक्रेन ने बुधवार को एक केंद्र के माध्यम से रूस के प्राकृतिक गैस के प्रवाह को रोक दिया जबकि कीव की सेना ने दावा किया कि उसने एक प्रमुख पूर्वोत्तर शहर खारकीव के पास लड़ाई में रूसी सैनिकों को पीछे धकेल कर खुद को मजबूत किया है. पिछले 11 हफ्तों में, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध न केवल मैदानों, कस्बों और शहरों में, बल्कि ऊर्जा और वित्तीय बाजारों में भी भी लड़ा गया. पश्चिम में यूक्रेन के सहयोगियों ने ऊर्जा प्रतिबंधों के साथ युद्ध के लिए आवश्यक धन से रूस को वंचित करने की मांग की है.

यूरोप के परिवारों के लिए बुधवार को गैस के प्रवाह को रोकने का प्रभाव तुरंत स्पष्ट नहीं था. यूक्रेन में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के संचालकों ने कहा कि यह घटनाक्रम आपूर्ति को दूसरे केंद्र की ओर स्थानांतरित कर देगा. एक विश्लेषक ने कहा कि युद्ध की वजह से पारगमन प्रभावित नहीं होना चाहिए. लेकिन रूस के स्वामित्व वाली विशाल गजÞप्रोम तेल कंपनी ने कुछ गिरावट का संकेत दिया. उसने कहा कि वह यूक्रेन के माध्यम से यूरोप को 72 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस की आपूर्ति कर रहा है, जाहिर तौर पर यह एक दिन पहले से 25 प्रतिशत नीचे है.

गैस के प्रवाह संबंधी शुरुआती आंकड़ों के आधार पर विश्लेषकों ने उच्च दरों को यूक्रेन-नियंत्रित क्षेत्र में दूसरे स्टेशन के माध्यम से आगे बढ़ने का सुझाव दिया. रूसी गैस अन्य पाइपलाइनों के माध्यम से भी यूरोप में पहुंचती है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या रूस तत्काल कोई कार्रवाई करेगा, क्योंकि उसके पास दीर्घकालिक अनुबंध और गैस परिवहन के अन्य तरीके हैं.

बहरहाल, यह कदम प्रतीकात्मक महत्व रख सकता है क्योंकि पहली बार यूक्रेन ने पश्चिम की ओर प्रवाह को बाधित किया है. यह तब हुआ है जब यूरोपीय संघ ने रूसी ऊर्जा पर निर्भरता को कम करने की बात कही है. वह कोयले के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर रहा है और तेल के लिए भी ऐसा करने पर विचार कर रहा है. यूक्रेन के प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के संचालक ने कहा कि यूक्रेन देश से पश्चिमी यूरोप में जाने वाली रूसी गैस का लगभग एक तिहाई भाग संभालता है.

संचालक ने पिछले महीने मार्ग में हस्तक्षेप के बारे में भी शिकायत की थी. उसने कहा था कि वह बुधवार से शुरू होने वाले प्रवाह को रोक देगा. इसका कारण उसने ”कब्जे वाली ताकतों” के हस्तक्षेप को बताया था. उच्च कीमतों से रूस को लाभ होगा. हालांकि उसके पास बड़े पैमाने पर विदेशी भंडार है, जिसने हाल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते खासी वृद्धि की है. इसकी वजह यह है कि वैश्विक यात्रा और व्यापार बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस महामारी प्रतिबंध के बाद फिर से शुरू हुआ है.

विचाराधीन केंद्र यूक्रेन से पश्चिमी यूरोप तक जाने वाली रूसी गैस का लगभग एक तिहाई संचालन करता है. रूस के राज्य के स्वामित्व वाली प्राकृतिक गैस की दिग्गज कंपनी गजÞप्रोम ने यह आंकड़ा लगभग एक चौथाई रखा है. इस बीच, राष्ट्रपति वोलोदिमीर जÞेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सेना ने देश के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव के पास के चार गांवों से रूसी सेना को खदेड़ दिया है और अपनी स्थिति मजबूत कर ली है.

युद्ध के शुरुआती दिनों में रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर हावी होने में विफल रही. तब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपना ध्यान उस क्षेत्र पर केंद्रित कर दिया, जो यूक्रेन का औद्योगिक गढ़ है और वर्षों से मॉस्को सर्मिथत अलगाववादियों और यूक्रेन के सैनिकों के बीच लड़ाई का स्थल भी रहा है. जÞेलेंस्की ने अपने रात्रि संबोधन में कहा कि उनकी सेना धीरे-धीरे रूसी सैनिकों को खारकीव से दूर धकेल रही है.

यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि यूक्रेन रूस को उसके कब्जे वाले क्षेत्रों से जाने के लिए मजबूर कर सकता है. विदेश मंत्री कुलेबा के इस आ’’ान से न सिर्फ यूक्रेनी सेना का आत्मविश्वास बढ़ा बल्कि लक्ष्य का भी विस्तार हुआ. कुलेबा ने ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ से कहा कि 24 फरवरी को हमला होने के बाद यूक्रेन को लगता था कि उनकी जीत तभी होगी जब रूसी सैनिकों की, उनके अधिकार वाले स्थानों से वापसी होगी. लेकिन अब वह बात नहीं रही.

कुलेबा ने कहा, ‘‘अगर हम सैन्य मोर्चे पर काफी मजबूत हैं और हम डोनबास के लिए लड़ाई जीतते हैं तो यह युद्ध की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा और निश्चित रूप से इस युद्ध में हमारी जीत हमारे बाकी क्षेत्रों की आजादी होगी.’’ रूसी सेना ने डोनबास में बढ़त हासिल की है और पहले की तुलना में इस पर अधिक नियंत्रण कर लिया है.

रूस की आसान जीत को रोकने की यूक्रेन की क्षमता के उदाहरणों में से एक मारियुपोल है, जहां एक इस्पात संयंत्र में छिपे हुए यूक्रेनी लड़ाकों ने रूस को शहर पर पूर्ण नियंत्रण करने से रोक दिया. संयंत्र की रक्षा करने वाली रेजिमेंट ने कहा कि रूसी युद्धक विमानों ने 24 घंटों में 34 बार हमला करते हुए उस पर बमबारी जारी रखी.

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