यूक्रेन के नेताओं ने कहा, देश में सामने आ सकते हैं और भी भयावह मंजर

चेर्निहाइव. यूक्रेन के नेताओं ने कहा है कि रूस के सैनिक सबकुछ तबाह करके देश से वापस जा रहे हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में और अधिक भयावह मंजर देखने को मिल सकते हैं. रूसी सैनिकों के हमलों के बाद यूक्रेन के कई शहरों में इमारतें, सड़कें और यातायात के साधन तबाह हो गए हैं जबकि आम नागरिकों की मौत के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है, जिसकी दुनियाभर में ंिनदा की जा रही हैं.

रूसी सैनिकों के जाने के बाद एक खस्ताहाल स्कूल बाहर खड़ी वैनों से जरूरी सामान लेने के लिये दर्जनों लोग कतारों में लगे दिखे.
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबो ने बृहस्पतिवार को आगाह किया कि रूसी सैनिकों के वापस जाने के बावजूद देश की मुश्किलें कम होने वाली नहीं हैं. उन्होंने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और अन्य देशों से हथियार मुहैया कराने की अपील की, जिससे देश के पूर्वी हिस्से में होने वाले संभावित हमले से निपटने में मदद मिल सके.

नाटो ने इस आधार पर यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है कि रूसी सेना ने राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में बर्बरता दिखाई है. कीव के निकट बूचा शहर के मेयर अनातोली फेडोरुक ने कहा कि जांचकर्ताओं ने कम से कम ऐसी तीन जगहों का पता लगाया है, जहां रूस के आक्रमण के दौरान आम नागरिकों को सामूहिक रूप से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों की मौत गोलीबारी से हुई, न कि गोलाबारी की वजह से.

फेडोरुक ने कहा कि बुधवार तक 320 शव गिने जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि शहर में और शव मिल रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. फेडोरुक ने कहा कि पहले शहर की आबादी 50 हजार थी जो अब केवल 3,700 बची है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने रात्रि संबोधन में कहा कि बूचा में जो भयावह मंजर सामने आए हैं, वे केवल शुरुआत हो सकते हैं.

जेलेंस्की ने कहा कि बूचा से केवल 30 किलोमीटर दूर बोरोदियांका शहर में हताहतों की संख्या ज्यादा हो सकती है. उन्होंने कहा कि वहां के हालात और भयावह हो सकते हैं. यूक्रेन के अधिकारियों ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि राजधानी के आसपास के शहरों में 410 नागरिकों के शव मिले हैं. स्वयंसेवकों ने कई दिन तक इन लाशों को इकट्ठा किया. बृहस्पतिवार को बूचा में और शव मिले.

यूक्रेन से वापसी में रूस ने मचायी तबाही, जेलेंस्की ने मांगी मदद

यूक्रेन के उत्तरी शहर से पीछे हटने के दौरान रूसी सैनिक अपने पीछे बर्बादी का मंजर छोड़ते गए. रूसी सैनिकों ने इमारतों को नुकसान पहुंचाया, सड़कों पर क्षतिग्रस्त कारें बिखरी थीं और आम लोग भोजन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी से जूझ रहे थे. बृहस्पतिवार को समाने आई तस्वीरों ने रूस के अगले आक्रमण को रोकने में यूक्रेन की मदद की मांग को और हवा दी.

चेर्निहाइव में सहायता-वितरण केंद्र के रूप में सेवा कर रहे एक क्षतिग्रस्त स्कूल के बाहर खड़ी वैन से ब्रेड, डायपर और दवा प्राप्त करने के लिए दर्जनों लोग कतार में खड़े थे, जहां से पीछे हटने से पहले रूसी सेना का कई हफ्तों तक घेराव था. शहर की सड़कें क्षतिग्रस्त इमारतों से अटी पड़ी हैं जिनकी छतें या दीवारें गायब हैं. एक कक्षा में ब्लैकबोर्ड पर अब भी संदेश लिखा है: ‘‘बुधवार 23 फरवरी – कक्षा कार्य.’’ इसके अगले ही दिन रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था.

यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि हाल में रूसी सेना की वापसी के बावजूद देश कमजोर बना हुआ है और उन्होंने आगामी आक्रमण का सामना करने के लिए नाटो से हथियारों की गुहार लगाई. गठबंधन के राष्ट्रों ने हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की, इस रिपोर्ट के आधार पर कि रूसी सेना ने राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में अत्याचार किया.

पश्चिमी देशों के सहयोगियों ने रूस पर आर्थिक दंड भी बढ़ा दिया, जिसमें रूसी कोयला आयात पर यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंध और रूस के साथ सामान्य व्यापार संबंधों को निलंबित करने का अमेरिकी कदम शामिल है. कुलेबा ने पश्चिमी देशों को रूस पर प्रतिबंध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और पूछा, ‘‘प्रतिबंध लगाने के लिए आपको और कितने बुचा चाहिए?’’ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने रात्रिकालीन संबोधन में कहा कि बुचा की भयावहता केवल शुरुआत हो सकती है. बुचा से सिर्फ 30 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में उत्तरी शहर बोरोदिएंका में जेलेंस्की ने और अधिक लोगों के हताहत होने की आशंका जताई और कहा, ‘‘वहां मंजर बहुत डरावना है’’.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख ने बृहस्पतिवार को बताया कि वह इस सप्ताह यूक्रेन और रूस में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद संघर्ष विराम को लेकर ‘‘आशान्वित नहीं’’ हैं. उन्होंने दोनों पक्षों में एक दूसरे के प्रति भरोसे की कमी को रेखांकित किया. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन पर क्रीमिया और यूक्रेन की सैन्य स्थिति पर किए गए प्रस्तावों पर पीछे हटने का आरोप लगाने के बाद यह बात कही.

यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरीना वेरेशचुक ने कहा कि यूक्रेन और रूस के अधिकारी बृहस्पतिवार को डोनबास के कई इलाकों से नागरिकों को निकालने के लिए मार्ग बनाने पर सहमत हुए हैं. अमेरिकी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को रूस के साथ सामान्य व्यापार संबंधों को निलंबित करने और उसके तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाने के लिए मतदान किया, जबकि यूरोपीय संघ ने कोयला आयात पर प्रतिबंध सहित नए कदमों को मंजूरी दी. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व संगठन के प्रमुख मानवाधिकार निकाय से रूस को निलंबित करने के लिए मतदान किया.

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