भारतीय संस्कृति व परंपरा को आगे बढ़ाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: नड्डा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को कहा कि जहां संस्कृत होगी, वहीं उनकी पार्टी की विचारधारा होगी और वह भारतीय संस्कृति व परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्याालय की ओर से आयोजित ‘‘उत्कर्ष महोत्सव’’ को संबोधित करते हुए नड्डा ने यह भी कहा कि दुनिया में भारत का कोई मुकाबला इसलिए नहीं है क्योंकि देश के मूल में उसकी संस्कृति है.

उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञान, विज्ञान, अर्थ, गणित सभी की उत्पत्ति का बीज संस्कृत ही है. संस्कृत सिर्फ भाषा ही नहीं है, बल्कि विभिन्न आयामों को आगे बढ़ाने का रास्ता भी है. हमारे पुरातन ज्ञान को संजोकर रखने वाली भाषा भी संस्कृत है.’’ उन्होंने कहा कि जहां संस्कृत है, वहीं संस्कृति है और भाजपा इस संस्कृति की रक्षक है तथा वह संस्कृति को आगे बढ़ाने की दृष्टि से कार्य कर रही है. नड्डा ने कहा, ‘‘इसलिए जहां संस्कृत होगी, वहां हमारी विचारधारा होगी. भारतीय परंपरा, भारतीय संस्कृति, भारतीय उल्लेखों को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.’’.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया में भारत का जो कोई मुकाबला नहीं है, उसका मूल कारण भारत की संस्कृति ही है. उन्होंने कहा, ‘‘कई देश अगर मानवता की दृष्टि से काम करने का सोच सकते हैं तो ये प्राथमिक स्तर पर ही है. लेकिन भारत में ये बहुत विकसित है. हमारी ये जो ताकत है, वो हमारी संस्कृति से ही आती है.’’ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्वास्थ्य नीति का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि दोनों ही भारत की जड़ों से जुड़ी हुई हैं और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भाषा का विशेष ध्यान रखा गया है तथा साथ ही संस्कृत के बारे में भी इसमें ंिचता की गई है.

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