देशों को जोड़ने वाला योग समस्याओं का समाधानकर्ता भी बन सकता है: मोदी

मैसुरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां के ऐतिहासिक मैसुरु परिसर में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया और कहा कि योग जीवन शैली से लेकर जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों तक के बारे में जागरूकता पैदा करता है और विश्व शांति का वातावरण निर्मित करता है. आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि योग देशों को जोड़ता है और वह समस्याओं का समाधानकर्ता भी बन सकता है.

यहां इस वर्ष आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने देश व दुनिया के लोगों को इस अवसर पर बधाई दी और कहा कि योग समाज, राष्ट्र और विश्व के साथ ही पूरे ब्रह्मांड में शांति लाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि योग के बारे में यह धारणा किसी के लिए एक चरम विचार हो सकता है लेकिन भारतीय संतों ने ‘‘यत् ंिपडे तत् ब्रह्मांडे’’ के मंत्र से इसका जवाब भी दिया है.

ऋषियों, मुनियों और आचार्यों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘पूरे ब्रह्मांड की शुरुआत हमारे अपने शरीर और आत्मा से होती है. ब्रह्मांड की शुरुआत हमसे ही होती है. योग हमारे लिए शांति लाता है. योग से शांति केवल लोगों को ही नहीं मिलती, योग हमारे समाज में भी शांति लाता है. योग हमारे राष्ट्रों और विश्व में शांति लाता है और योग हमारे ब्रह्मांड में शांति लाता है.’’ उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत स्वजागरूकता से होती है और फिर यह विश्व में जागरुकता की ओर अपने कदम बढ़ाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम अपने बारे में और अपने विश्व के बारे में जागरुक हो जाते हैं तब हम उन चीजों की खोज करते हैं जिन्हें बदलने की जरूरत होती है. खुद में और दुनिया में भी. वह जीवन शैली से जुड़ी चुनौतियां हों या जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय संघर्ष.’’ उन्होंने कहा, ‘‘योग हमें इन चुनौतियों के प्रति सचेत, सक्षम और दयालु बनाता है. सामान्य चेतना और आम सहमति के साथ लाखों लोग, आंतरिक शांति से वैश्विक शांति का वातावरण निर्मित करेंगे. योग इसी प्रकार लोगों को जोड़ सकता है. योग इसी प्रकार देशों को जोड़ सकता है. और इसी प्रकार योग हम सभी के लिए समस्याओं का एक समाधानकर्ता बन सकता है.’’

मोदी ने कहा कि भारतीय सभ्यता व संस्कृति की अद्भुत धरोहर योग आज दुनियाभर के लोगों के लिए जीवन का हिस्सा ही नहीं है, बल्कि अब वह जीवन जीने की पद्धति बन रहा है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि योग आज ना सिर्फ विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रहा है, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एक वैश्विक पर्व बन गया है. उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक योग घरों और आध्यात्मिक केंद्रों तक सीमित था, लेकिन अब यह विश्व के कोने-कोने तक पहुंच गया है.

मोदी ने कहा, ‘‘भारत के आध्यात्मिक केंद्रों ने जिस योग-ऊर्जा को सदियों से पोषित किया, आज वह योग ऊर्जा विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रही है. आज योग वैश्विक सहयोग का पारस्परिक आधार बन रहा है. आज योग मानव मात्र को निरोग जीवन का विश्वास दे रहा है.’’ कोविड-19 वैश्विक महामारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि द्वीप, महाद्वीप की सीमाओं से परे योग दिवस अब एक वैश्विक पर्व बन गया है. उन्होंने कहा कि योग किसी व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘योग हमारे लिए केवल जीवन का हिस्सा नहीं बल्कि जीवन जीने की पद्धति बन रहा है.’’ उन्होंने कहा कि भारत में इस बार योग दिवस ऐसे समय पर मनाया जा रहा है, जब देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मना रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘योग दिवस की यह व्यापकता, यह स्वीकार्यता भारत की उस अमृत भावना की स्वीकार्यता है, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा दी थी.’’ प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि योग की यह अनादि यात्रा अनंत भविष्य की दिशा में ऐसे ही अनवरत चलती रहेगी.

उन्होंने कहा, ‘‘हम ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामय:’ के भाव के साथ एक स्वस्थ और शांतिपूर्ण विश्व को योग के माध्यम से भी गति देंगे.’’ योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और मैसुरु शाही परिवार के यदुवीर कृष्णदत्ता चामराजा वडियार और ‘‘राजमाता’’ प्रमोदा देवी सहित कई अन्य गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2015 में हुई थी. हर वर्ष 21 जून को दुनिया भर में इसे मनाया जाता है. इस वर्ष के योग दिवस का विषय ‘‘मानवता के लिए योग’’ है.

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सोनोवाल ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘कोविड महामारी के दो साल के अशांत काल के बाद हम आज प्रत्यक्ष रूप से योग दिवस समारोह मना रहे हैं.’’ अधिकारियों ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव को 8वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के समारोह के साथ एकीकृत करते हुए जहां मैसूर में प्रधानमंत्री ने योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया वहीं 75 केंद्रीय मंत्रियों के नेतृत्व में देश भर में 75 प्रतिष्ठित स्थानों पर सामूहिक योग का भी आयोजन किया गया. उन्होंने बताया कि मैसूर में प्रधानमंत्री का योग कार्यक्रम इससे जुड़े ‘गार्जियन योग ंिरग’ कार्यक्रम का भी हिस्सा था.

 

शाही महल में प्रधानमंत्री के नाश्ते में ‘मैसूर पाक’ और ‘मसाला डोसा’ शामिल मैसुरु (कर्नाटक), 21 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मैसुरु के पूर्व शाही परिवार के साथ यहां महल में नाश्ता किया और नाश्ते में प्रसिद्ध ‘मैसूर पाक’ और ‘मैसूर मसाला डोसा’ शामिल था.
प्रधानमंत्री ने यहां ‘अम्बा विलास पैलेस’ परिसर में योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया और दशहरा प्रदर्शनी मैदान में ‘इनोवेटिव डिजिटल योग प्रदर्शनी’ का उद्घाटन करने के बाद वह शाही परिवार के निमंत्रण पर नाश्ते के लिए महल गए.
मैसुरु के शाही वंशज यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार और ‘‘राजमाता’’ प्रमोदा देवी वाडियार ने इससे पहले दिन में योग दिवस कार्यक्रम में मोदी के साथ मंच साझा किया था. प्रमोदा देवी वाडियार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर नाश्ते पर आमंत्रित किया था.
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जब योग दिवस के लिए मैसुरु आए तो मैंने उन्हें नाश्ते पर अपने घर आने के लिए आमंत्रित किया था…. मैंने उन्हें इस संबंध में एक पत्र लिखा था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है. हमलोग इससे बेहद खुश हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैसुरु में होने के कारण मेन्यू स्वाभाविक रूप से दक्षिण भारतीय होगा, साथ ही प्रधानमंत्री की अगर कोई प्राथमिकता होगी तो वो भी पेश किया जाएगा. यही नहीं, ‘मैसूर पाक’ जिसकी शुरुआत मैसुरु में हुई और मैसूर मसाला डोसा भी निश्चित रूप से मेन्यू का हिस्सा होने जा रहा है….’’

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